SMPS लैब
कंपोनेंट पहचानें, लाइव सर्किट देखें और खराबी की जाँच करें।
पहले सुरक्षा
प्राइमरी में लगभग 300V DC चार्ज रह सकती है। अनुभव और सही सुरक्षा उपकरण न हों तो SMPS न खोलें।
🧰 SMPS कंपोनेंट टेस्टिंग गाइड
इस गाइड में इस SMPS के सभी मुख्य पार्ट दिए हैं। हर कार्ड में मीटर मोड, जाँच के चरण और सामान्य ठीक/खराब संकेत हैं। रीडिंग पार्ट के नंबर, मीटर और सर्किट से बदल सकती है; संदेह हो तो डेटाशीट देखें और एक टर्मिनल उठाकर दोबारा जाँचें।
पहले सुरक्षित करें
प्लग निकालें, बल्क कैपेसिटर को उचित रेसिस्टर से डिस्चार्ज करें और मीटर से 0V की पुष्टि करें। Ω, कंटिन्यूटी, डायोड या कैपेसिटेंस मोड कभी भी चालू सर्किट पर न लगाएँ। प्राइमरी कैपेसिटर में प्लग निकालने के बाद भी जानलेवा चार्ज रह सकता है। लाइव 230V/हाई-वोल्टेज परीक्षण प्रशिक्षित टेक्नीशियन का काम है।
फ़्यूज़
मोड: कंटिन्यूटी या Ω; प्लग निकालकर दोनों सिरों पर।
- फ़्यूज़ का एक सिरा सर्किट से अलग करें, ताकि समानांतर रास्ता रीडिंग न बिगाड़े।
- प्रोब दोनों सिरों पर लगाएँ; प्रोब आपस में छुआकर मीटर का लीड-रेज़िस्टेंस जान लें।
ठीक: बीप और लीड रेज़िस्टेंस के करीब (आमतौर पर 0–1Ω)। खराब: OL/बीप नहीं। सही करंट और टाइम-रेटिंग का फ़्यूज़ ही लगाएँ; उड़ने का कारण भी खोजें।
MOV वैरिस्टर
मोड: दृश्य जाँच, फिर Ω; पार्ट का एक सिरा उठाएँ।
- दरार, कालापन, फूला शरीर या जला हुआ बोर्ड देखें।
- रेज़िस्टेंस दोनों दिशाओं में मापें; सामान्य MOV कम वोल्टेज पर बहुत ऊँचा प्रतिरोध दिखाता है।
ठीक का संकेत: OL/बहुत अधिक Ω और कोई दृश्य क्षति नहीं। खराब: स्थिर कम Ω/बीप या जली/फटी डिस्क। साधारण मल्टीमीटर MOV का क्लैम्पिंग वोल्टेज प्रमाणित नहीं करता; खुला दिखना भी उसके ठीक होने की गारंटी नहीं।
NTC थर्मिस्टर
मोड: Ω; ठंडे पार्ट के दोनों सिरों पर।
- एक सिरा अलग करें और कमरे के तापमान पर प्रतिरोध मापें।
- बोर्ड/पार्ट पर छपा 5D-11 या डेटाशीट मान देखें; ठंडा NTC आम तौर पर कुछ Ω होता है।
ठीक: मॉडल के अनुरूप स्थिर कुछ Ω (अक्सर 3–10Ω)। खराब: OL/टूटा, जलने का निशान, या लगभग 0Ω शॉर्ट। गरम करके मापना अनिवार्य नहीं; गरम होने पर NTC का प्रतिरोध स्वाभाविक रूप से घटता है।
EMI फ़िल्टर: X/Y कैपेसिटर और कॉमन-मोड चोक
मोड: दृश्य जाँच, Ω/कंटिन्यूटी; कैपेसिटर के लिए capacitance meter।
- X/Y कैपेसिटर को डिस्चार्ज कर एक टर्मिनल अलग करें; क्रैक/फूलना/रिसाव देखें।
- चोक की हर वाइंडिंग के सिरों पर Ω जाँचें; अलग-अलग वाइंडिंग आपस में शॉर्ट नहीं होनी चाहिए।
ठीक: कैपेसिटर की क्षमता लिखे मान के करीब; चोक वाइंडिंग में कम लेकिन शून्य से ऊपर निरंतरता। खराब: कैपेसिटर शॉर्ट/फटा, चोक वाइंडिंग OL या वाइंडिंगों के बीच शॉर्ट। X/Y सुरक्षा-रेटेड पार्ट से ही बदलें।
ब्रिज रेक्टिफ़ायर
मोड: डायोड; कम-से-कम एक AC/पावर टर्मिनल अलग करें।
- ब्रिज के चिह्न पहचानें: दो ~, + और −।
- दोनों ~ टर्मिनल से + तक और − से दोनों ~ तक फ़ॉरवर्ड/रिवर्स जाँचें; फिर + और − के बीच शॉर्ट जाँचें।
ठीक: प्रत्येक डायोड का एक दिशा में लगभग 0.4–0.8V, उल्टी दिशा में OL। खराब: दोनों दिशाओं में लगभग 0V/बीप = शॉर्ट; दोनों दिशाओं में OL = ओपन। सर्किट में जुड़े कैपेसिटर के कारण रीडिंग बदल सकती है।
प्राइमरी बल्क कैपेसिटर C1
मोड: capacitance और ESR; कैपेसिटर को सुरक्षित डिस्चार्ज कर एक लीड उठाएँ।
- पोलैरिटी, उभार, रिसाव और वेंट की हालत देखें।
- कैपेसिटेंस लिखे µF से मिलाएँ; ESR मीटर हो तो समान क्षमता/रेटिंग की डेटाशीट से तुलना करें।
ठीक: क्षमता आम तौर पर लिखे मान की −20%/+20% सीमा में और ESR स्वीकार्य। खराब: बहुत कम क्षमता, बहुत ऊँचा ESR, लीकेज/शॉर्ट। Ω मोड में रीडिंग का बढ़ना केवल शॉर्ट न होने का संकेत है—यह क्षमता/ESR का पक्का टेस्ट नहीं।
स्विचिंग MOSFET / ट्रांजिस्टर
मोड: डायोड/Ω; पार्ट निकालें या एक टर्मिनल अलग करें, MOSFET का गेट डिस्चार्ज करें।
- डेटाशीट से G-D-S पिन पहचानें; पिनआउट अनुमान से न मानें।
- N-MOSFET में D↔S जाँचें: बॉडी डायोड एक दिशा में; फिर गेट को सोर्स से शॉर्ट कर डिस्चार्ज करके D-S दोनों दिशाएँ जाँचें।
- G-S और G-D के बीच कम प्रतिरोध नहीं होना चाहिए।
ठीक: बॉडी डायोड एक दिशा में लगभग 0.4–0.8V और उल्टी दिशा OL; गेट जोड़े OL/बहुत ऊँचे Ω। खराब: D-S दोनों दिशाओं में बीप/लगभग 0V, या गेट शॉर्ट। यह बेसिक जाँच है, स्विचिंग क्षमता का पूरा परीक्षण नहीं।
स्नबर नेटवर्क (RC/RCD)
मोड: रेसिस्टर के लिए Ω; डायोड के लिए diode; कैपेसिटर के लिए capacitance।
- प्लग निकालकर कैपेसिटर डिस्चार्ज करें और पार्ट का एक सिरा अलग करें।
- रेसिस्टर को रंग-कोड/लिखे मान से, डायोड को दोनों दिशाओं से, और कैपेसिटर को µF/nF मान से जाँचें।
ठीक: रेसिस्टर लिखे मान की सहनशीलता में, डायोड एक दिशा में जंक्शन ड्रॉप, कैपेसिटर रेटिंग के करीब। खराब: रेसिस्टर खुला/जला, डायोड शॉर्ट/ओपन, कैपेसिटर शॉर्ट/क्षमता से बाहर। हाई-वोल्टेज रेटिंग समान रखें।
मुख्य फेराइट ट्रांसफ़ॉर्मर
मोड: कंटिन्यूटी/कम Ω; बिजली बंद, कम-से-कम एक वाइंडिंग अलग।
- डेटाशीट/बोर्ड ट्रेस से हर वाइंडिंग के पिन समूह पहचानें।
- एक ही वाइंडिंग के सिरों के बीच निरंतरता और अलग-अलग वाइंडिंगों के बीच isolation जाँचें।
ठीक: प्रत्येक वाइंडिंग में कुछ Ω या बहुत कम Ω (डिज़ाइन अनुसार), अलग वाइंडिंगों के बीच OL। खराब: वाइंडिंग OL या वाइंडिंगों के बीच कम प्रतिरोध। केवल Ω टेस्ट inter-turn short पकड़ने की गारंटी नहीं; रिंग/इंडक्टेंस टेस्ट विशेषज्ञ उपकरण से करें।
ड्राइव ट्रांसफ़ॉर्मर
मोड: Ω/कंटिन्यूटी; एक सिरा अलग करके।
- ड्राइव वाइंडिंग के पिन-पेयर स्कीमैटिक/डेटाशीट से पहचानें।
- हर वाइंडिंग की निरंतरता और प्राथमिक-से-द्वितीयक अलगाव जाँचें।
ठीक: वाइंडिंगों में स्थिर कम Ω; अलग वाइंडिंगों के बीच OL। खराब: किसी वाइंडिंग में OL, जला/टूटा तार या वाइंडिंगों के बीच शॉर्ट। वाइंडिंग का वास्तविक Ω मॉडल पर निर्भर है।
स्टार्टअप, ब्लीडर और लोड रेसिस्टर
मोड: Ω; पावर बंद और कैपेसिटर डिस्चार्ज; एक सिरा उठाएँ।
- रेसिस्टर का रंग-कोड/छपा मान पढ़ें और मीटर रेंज चुनें।
- दोनों सिरों पर मापें; बोर्ड में दूसरे रास्ते के कारण इन-circuit मान कम आ सकता है।
ठीक: नाममात्र मान की निर्धारित tolerance में (अक्सर ±1%, ±5% या ±10%)। खराब: OL/जला, या tolerance से बहुत बाहर। उच्च-वोल्टेज startup resistor को उसी resistance, voltage और flameproof rating से बदलें।
सेकेंडरी शॉटकी / फ़ास्ट डायोड
मोड: डायोड; एक सिरा अलग करें।
- डेटाशीट में anode/cathode पहचानें; dual diode में common pin समझें।
- प्रोब उलटकर दोनों दिशाओं की रीडिंग लें।
ठीक: फ़ॉरवर्ड लगभग 0.15–0.45V (पार्ट के अनुसार), उल्टी दिशा OL। खराब: दोनों दिशाओं में लगभग 0V/बीप = शॉर्ट; दोनों दिशाओं में OL = ओपन। इन-circuit parallel winding से गलत रीडिंग आ सकती है।
आउटपुट इंडक्टर / कॉइल
मोड: Ω/कंटिन्यूटी; एक सिरा अलग करके।
- हर winding के सिरों पर निरंतरता जाँचें।
- मल्टी-वाइंडिंग कॉइल में अलग वाइंडिंगों के बीच शॉर्ट न हो; LCR मीटर से inductance की तुलना करें।
ठीक: winding में बहुत कम लेकिन स्थिर Ω और सही inductance। खराब: winding OL, जली हुई/टूटी, या गलत inductance। साधारण continuity test inter-turn short नहीं पकड़ सकता।
आउटपुट इलेक्ट्रोलिटिक कैपेसिटर
मोड: capacitance और ESR; डिस्चार्ज करके, एक सिरा अलग करें।
- फूलना, रिसाव और सिकुड़ी sleeve देखें।
- लिखी µF और voltage rating पढ़ें; capacitance तथा ESR को समान पार्ट की डेटाशीट से मिलाएँ।
ठीक: क्षमता सामान्य tolerance में और लो-ESR मान उचित। खराब: कम क्षमता, ऊँचा ESR या स्थिर कम Ω/शॉर्ट। केवल capacitance सही होना पर्याप्त नहीं—कम ESR जरूरी है।
3.3V रेगुलेटर / मैग-एम्प
मोड: पहले power-off Ω/diode से शॉर्ट; live output केवल सुरक्षित, current-limited low-voltage bench पर।
- बोर्ड और पार्ट डेटाशीट से pins पहचानें।
- पावर बंद करके output-to-ground short जाँचें; live voltage check के लिए ATX specification/board diagram का उपयोग करें।
ठीक: बंद हालत में स्थिर dead-short नहीं; चलती सप्लाई में 3.3V रेल सामान्यतः लगभग 3.14–3.47V। खराब: पक्का short, या नियंत्रित परीक्षण में रेल spec से बाहर। इन-circuit resistance अकेले regulator को दोषी सिद्ध नहीं करता।
PWM कंट्रोलर IC
मोड: बंद बोर्ड पर Ω/diode से VCC-GND और gate-output short जाँचें; पूर्ण जाँच स्कोप/डेटाशीट से।
- पहले स्टार्टअप रेसिस्टर, VCC कैपेसिटर, diode और MOSFET जाँचें।
- IC का pinout पढ़ें; pin-to-ground में स्थायी short तलाशें।
- VCC/oscillation की live जाँच केवल isolation और प्रशिक्षित प्रक्रिया से करें।
ठीक: pins में कोई अनपेक्षित hard short नहीं; नियंत्रित जाँच में VCC और switching waveform डेटाशीट के अनुरूप। खराब: जला/क्रैक, internal short या सही VCC के बावजूद switching न होना। सिर्फ continuity beep से IC पास/फेल नहीं होता।
फ़ीडबैक: TL431 और ऑप्टोकपलर
मोड: अलग किए हुए पार्ट पर diode/Ω; सही निष्कर्ष के लिए datasheet-based test circuit।
- PC817 में LED pins पहचानकर diode mode से दोनों दिशाएँ जाँचें।
- TL431 को केवल diode reading से पास न मानें; reference/cathode/anode test circuit में जाँचें।
- पहले feedback resistors और solder joints भी जाँचें।
ठीक: PC817 LED एक दिशा में लगभग 1.0–1.3V, उल्टी दिशा OL; TL431 test circuit में लगभग 2.495V reference पर regulate करे। खराब: LED short/open या TL431 reference/regulation न करे। CTR और regulation साधारण DMM से पूरी तरह प्रमाणित नहीं होते।
5VSB स्टैंडबाय सप्लाई
मोड: आउटपुट बंद हालत में Ω/diode से short check; live 5V check केवल सुरक्षित low-voltage output पर।
- बैंगनी (+5VSB) और काले (GND) तार पहचानें; प्लग बंद रहते short जाँचें।
- लोड हटाकर प्रशिक्षित/उचित isolated test में output मापें; फिर specification वाला load लगाकर दोहराएँ।
ठीक: ATX 5VSB सामान्यतः 4.75–5.25V। खराब: short या नियंत्रित लोड पर spec से बाहर/डगमगाती सप्लाई। 5VSB भी AC plugged-in रहते सक्रिय हो सकती है।
सुपरवाइज़र / PG / सुरक्षा सर्किट
मोड: बंद बोर्ड पर Ω/diode से short; कार्य-जाँच के लिए schematic और नियंत्रित low-voltage load test।
- PG, OVP, UVP, OCP और SCP pins का pinout डेटाशीट से पहचानें।
- पहले आउटपुट रेल व feedback सही होने की पुष्टि करें; फिर PG timing/level को spec से मिलाएँ।
ठीक: सभी रेल सही होने पर PG सामान्यतः high (अक्सर करीब 5V; IC-specific)। खराब: सही रेल के बावजूद PG/प्रोटेक्शन व्यवहार spec से बाहर। सुरक्षा को bypass करके सप्लाई न चलाएँ।
एक्टिव PFC (यदि लगा हो)
मोड: बंद/डिस्चार्ज बोर्ड पर diode/Ω; live PFC जाँच केवल प्रशिक्षित टेक्नीशियन।
- PFC MOSFET, boost diode, current-sense resistor और boost inductor को अलग-अलग power-off जाँचें।
- बल्क कैपेसिटर की polarity और discharge फिर सत्यापित करें।
ठीक: MOSFET/डायोड में अनचाहा short नहीं; इन-रेगुलेशन bulk voltage मॉडल के अनुसार। खराब: boost diode/MOSFET short, resistor खुला या जली winding। चालू PFC में 380–400V DC तक हो सकती है—इसे शुरुआती DIY टेस्ट न मानें।
पंखा और थर्मिस्टर
मोड: fan winding के लिए Ω/continuity; thermistor के लिए कमरे के तापमान पर Ω।
- कनेक्टर हटाकर fan के supply pins पहचानें; supply और tach pins आपस में न मिलाएँ।
- थर्मिस्टर का resistance लिखे मान/तापमान तालिका से मिलाएँ।
ठीक: fan winding खुली न हो; thermistor कमरे के तापमान पर अपने nominal मान के करीब। खराब: fan winding OL/short, अटका bearing, या thermistor OL/असंगत मान। Fan को सीधे किसी अज्ञात voltage से न चलाएँ।
ATX कनेक्टर और तार
मोड: बंद हालत में Ω/continuity; output voltage जाँच केवल सुरक्षित low-voltage side पर, DC V मोड।
- कनेक्टर diagram से pin पहचानें; wire color को अकेला प्रमाण न मानें।
- प्लग निकला हो तो GND तारों की continuity और हर pin पर short/जले contact की जाँच करें।
- Live output मापना हो तो probes को सुरक्षित रखें और pin-to-pin short न होने दें।
ठीक: +12V 11.4–12.6V, +5V 4.75–5.25V, +3.3V 3.14–3.47V, +5VSB 4.75–5.25V; PG अक्सर करीब 5V। खराब: spec से बाहर, ढीला/जला pin या GND continuity न होना।
⚡ ओम लॉ टेस्ट बेंच
कम-वोल्टेज DC source, resistor, switch और virtual multimeter वाला टेस्ट सर्किट चलाएँ। voltage/current बदलकर रीडिंग देखें; Ω मापने से पहले सर्किट OFF करें। यह सिमुलेशन है—230V AC या SMPS प्राइमरी पर प्रयोग न करें।
लाइव ओम लॉ सर्किट
सर्किट चालू · I = V ÷ R · P = V × I
उदाहरण: 12V / 100Ω = 0.12A और 1.44W। गर्मी/derating ध्यान में रखकर कम-से-कम 3W रेटेड रेसिस्टर चुनें।
ओम लॉ कैलकुलेटर · मान से जाँच
तीन ओम लॉ सूत्र
V = I × R
I = V ÷ R
R = V ÷ I
V वोल्ट में, I एम्पियर में और R ओम में रखें। पहले mV/mA/µA/kΩ को base unit में बदलें।
रेसिस्टर को सही तरीके से जाँचें
- पावर हटाएँ, बल्क कैप डिस्चार्ज करें और 0V मापें।
- रेसिस्टर का एक सिरा सर्किट से अलग करें; Ω मोड में उसका मान मापें।
- माप को रंग-कोड/लिखे मान और tolerance से मिलाएँ।
- कम-वोल्टेज में करंट जाँचना हो तो V और R से पहले I=V/R निकालें; मीटर को करंट मोड में सर्किट के साथ series में लगाएँ।
करंट और पावर की सावधानी
करंट मोड वाला मीटर सप्लाई के आर-पार कभी न लगाएँ—मीटर/लीड short होकर नुकसान या चोट पहुँचा सकते हैं। पहले अनुमानित करंट और रेसिस्टर की शक्ति जाँचें: P=V×I या P=I²×R। रेसिस्टर को पर्याप्त watt rating और margin दें। Ohm mode में energized board न मापें।
थ्योरी और जानकारी
पावर स्टेज · कंट्रोल सर्किट · कनेक्टर पिनआउट
पूरा सफ़र: AC से DC तक
नीचे के किसी भी ब्लॉक पर टैप करें। उसकी जानकारी नीचे दिखेगी। नीली चलती रेखा बिजली का रास्ता है।
1. AC इनपुट सेक्शन (प्राइमरी साइड)
यह हिस्सा सीधे 230V AC से जुड़ा रहता है, इसलिए सबसे ख़तरनाक है। यहाँ AC को साफ़ करके और ठीक करके 300V के आसपास की DC बनाई जाती है।
1.1 फ़्यूज़ (Fuse)
असली मान: आमतौर पर 250V पर 5A से 8A, ज़्यादातर T (धीमा) या F (तेज़) टाइप, काँच या सिरेमिक। 450W से 500W के SMPS में 6.3A आम है।
कार्य सिद्धांत: अंदर एक पतला तार होता है। करंट तय सीमा से ऊपर जाए तो तार गर्म होकर पिघल जाता है और सर्किट खुल जाता है। यह आग लगने से बचाता है।
खराबी: फ़्यूज़ उड़ना खुद खराबी नहीं है, किसी और शॉर्ट का नतीजा है। ब्रिज डायोड, स्विचिंग MOSFET/ट्रांजिस्टर या बल्क कैपेसिटर शॉर्ट मिलते हैं। सिर्फ़ फ़्यूज़ बदलकर चालू न करें।
1.2 वैरिस्टर MOV (Metal Oxide Varistor)
असली मान: जैसे 471 (470V), 14mm या 10mm की डिस्क। नीली या नारंगी डिस्क जो फ़्यूज़ के बाद AC लाइन पर आड़ी लगी होती है।
कार्य सिद्धांत: सामान्य वोल्टेज पर इसका प्रतिरोध बहुत ज़्यादा रहता है। वोल्टेज बहुत बढ़े (बिजली गिरना, स्पाइक) तो प्रतिरोध अचानक कम हो जाता है और ऊर्जा सोख लेता है, जिससे आगे के पार्ट बचते हैं।
खराबी: बार-बार स्पाइक झेलने पर काला, फूला या चटका दिखता है, और कभी-कभी शॉर्ट होकर फ़्यूज़ उड़ा देता है। दिखने में जला हो तो बदलें।
1.3 NTC थर्मिस्टर (इनरश करंट लिमिटर)
असली मान: जैसे 5D-11, 10D-9 या 5Ω से 10Ω ठंडी हालत में, छोटी हरी या काली डिस्क।
कार्य सिद्धांत: NTC यानी Negative Temperature Coefficient। ठंडा होने पर इसका प्रतिरोध ज़्यादा होता है। चालू करते समय बल्क कैपेसिटर खाली होता है और बहुत भारी करंट खींचता है। NTC उसे रोकता है। चलने के बाद यह गर्म होकर प्रतिरोध कम कर लेता है।
खराबी: अक्सर खुला (ओपन) हो जाता है और SMPS बिल्कुल डेड रहता है, कभी-कभी फ़्यूज़ ठीक होने पर भी। जाँच: ठंडी हालत में मल्टीमीटर पर कुछ ओम दिखने चाहिए, OL दिखे तो खराब।
1.4 EMI फ़िल्टर: X कैपेसिटर, Y कैपेसिटर, कॉमन मोड चोक
| पार्ट | असली मान | कार्य | खराबी |
|---|---|---|---|
| X2 कैपेसिटर | 0.1µF से 0.47µF, 275V AC, Live और Neutral के बीच | लाइन से आने वाले और SMPS से बाहर जाने वाले हाई-फ़्रीक्वेंसी शोर को शॉर्ट करके निकाल देता है | शॉर्ट होने पर फ़्यूज़ उड़ता है। बंद करने के बाद चार्ज रह सकता है, इसलिए डिस्चार्ज रेसिस्टर (1MΩ) साथ में लगा होता है |
| Y कैपेसिटर | 1nF से 4.7nF, 250V AC, लाइन से अर्थ के बीच। नीला डिस्क, सुरक्षा चिह्न वाला | कॉमन मोड शोर को अर्थ में भेजता है। प्राइमरी और सेकेंडरी के बीच भी यही लगता है | लीक होने पर चेसिस में हल्का झटका लगता है। अर्थिंग न हो तो यह झटका और बढ़ जाता है |
| कॉमन मोड चोक | फेराइट रिंग पर दो वाइंडिंग, कुछ mH | दोनों तारों का एक जैसा शोर रोकता है, जबकि असली 50Hz करंट पर कोई असर नहीं पड़ता क्योंकि दोनों वाइंडिंग का चुंबकीय असर कट जाता है | ओवरहीट से वार्निश जलना, वाइंडिंग टूटना (ओपन)। जाँच: हर वाइंडिंग में कंटिन्यूटी |
1.5 ब्रिज रेक्टिफ़ायर
असली मान: चार डायोड एक पैकेज में जैसे KBU806, GBU8K, GBJ1006, या चार अलग 1N5408। रेटिंग 600V से 1000V, 6A से 15A। इसे हीटसिंक से जोड़ा जाता है।
कार्य सिद्धांत: डायोड सिर्फ़ एक दिशा में करंट देता है। AC के पॉज़िटिव हाफ़ साइकिल में एक जोड़ी डायोड चलती है और नेगेटिव हाफ़ साइकिल में दूसरी जोड़ी, इसलिए आउटपुट हमेशा एक ही ध्रुवता का स्पंदित DC (पल्सेटिंग DC) बनता है, जिसकी फ़्रीक्वेंसी 100Hz है।
शिखर वोल्टेज:
बल्क कैपेसिटर पर DC ≈ 325V − (2 डायोड ड्रॉप ≈ 1.4V) ≈ 320V (अनलोडेड)
खराबी: एक या ज़्यादा डायोड शॉर्ट होने से फ़्यूज़ उड़ता है। जाँच: मल्टीमीटर डायोड मोड में हर डायोड एक दिशा में 0.4V से 0.6V और उलटी दिशा में OL दिखाए।
1.6 बल्क (प्राइमरी) इलेक्ट्रोलिटिक कैपेसिटर
असली मान: 200µF से 470µF, 400V एक कैपेसिटर में। या 115V मोड में दो 200V कैपेसिटर सीरीज़ में। सबसे बड़ा बेलनाकार पार्ट।
कार्य सिद्धांत: रेक्टिफ़ायर से आने वाली 100Hz की उछलती DC को यह पीक पर चार्ज होकर और गिरावट में डिस्चार्ज होकर चिकना करता है। यह ऊर्जा का छोटा भंडार भी है जिससे स्विचिंग सेक्शन को लगातार पावर मिलती है।
उदाहरण: I = 1.5A, C = 330µF → ΔV ≈ 1.5 / (2 × 50 × 0.00033) ≈ 45V
खराबी: सूखना (क्षमता घटना, ESR बढ़ना), फूलना, लीक होना। लक्षण: कंप्यूटर रीस्टार्ट होना, लोड पर बंद होना, हम की आवाज़। जाँच: क्षमता मीटर या ESR मीटर। सिर्फ़ मल्टीमीटर से पूरी जाँच नहीं होती।
2. स्विचिंग सेक्शन (हाई-फ़्रीक्वेंसी का दिल)
2.1 स्विचिंग MOSFET / ट्रांजिस्टर
असली मान: पुराने ATX में 2SC3306, 2SC2625 जैसे हाई-वोल्टेज NPN ट्रांजिस्टर (800V या ऊपर)। नए में 600V से 900V MOSFET जैसे 7N60, 10N60, 20N60 (TO-220 या TO-247, हीटसिंक पर)।
कार्य सिद्धांत: यह तेज़ स्विच है। ऑन होने पर लगभग शॉर्ट सर्किट (कम प्रतिरोध) और ऑफ होने पर ओपन सर्किट रहता है। 300V DC को हर सेकंड हज़ारों बार ऑन-ऑफ करके ट्रांसफ़ॉर्मर में पल्स भेजता है। फ़्रीक्वेंसी आमतौर पर 30kHz से 100kHz होती है। स्विच के बीच में बहुत कम समय बिताने से गर्मी कम निकलती है, यही SMPS की ऊँची कार्यक्षमता (80% से 90%) की वजह है।
खराबी: ड्रेन-सोर्स शॉर्ट होना (सबसे आम), जिससे फ़्यूज़ और अक्सर PWM IC और गेट रेसिस्टर भी साथ में जल जाते हैं। MOSFET बदलते समय गेट रेसिस्टर (10Ω से 100Ω), गेट-सोर्स रेसिस्टर (10kΩ) और चालू करने वाला करंट-सेंस रेसिस्टर भी जाँचें।
जाँच: सर्किट से बाहर निकालकर डायोड मोड में बॉडी डायोड (सोर्स से ड्रेन) 0.4V से 0.7V दिखे और उलटी दिशा में OL आए। ड्रेन-सोर्स बीप करे तो शॉर्ट है।
2.2 स्नबर नेटवर्क (RC, RCD)
असली मान: जैसे 1nF से 4.7nF/1kV सिरेमिक + 10Ω से 100Ω रेसिस्टर, या UF4007 डायोड + 100kΩ रेसिस्टर + कैपेसिटर।
कार्य सिद्धांत: ट्रांसफ़ॉर्मर की लीकेज इंडक्टेंस बंद होने के पल में बहुत ऊँचा स्पाइक बनाती है, जो MOSFET को मार सकता है। स्नबर इस ऊर्जा को सोखकर स्पाइक को दबाता है।
2.3 मेन SMPS ट्रांसफ़ॉर्मर (फेराइट कोर)
असली मान: फेराइट कोर EI33, EE40 या ETD39 जैसा। प्राइमरी में कई सौ फेरे, सेकेंडरी में कुछ फेरे, कई टैप वाली। प्राइमरी और सेकेंडरी बीच में पूरी तरह अलग रहती हैं।
कार्य सिद्धांत: फ़ैराडे के नियम से बदलता करंट बदलता चुंबकीय फ़्लक्स बनाता है, जो सेकेंडरी में वोल्टेज पैदा करता है। वोल्टेज का अनुपात फेरों के अनुपात के बराबर होता है। ऊँची फ़्रीक्वेंसी पर कोर बहुत छोटा रखा जा सकता है, इसीलिए SMPS हल्का होता है, जबकि 50Hz के साधारण ट्रांसफ़ॉर्मर में भारी लोहे का कोर लगता।
खराबी: वाइंडिंग शॉर्ट होना (शिकायत: शोर, गर्मी, फ़्यूज़ उड़ना), जलना। ट्रांसफ़ॉर्मर कम ही खराब होता है, इसलिए पहले बाकी पार्ट जाँचें।
2.4 ड्राइव ट्रांसफ़ॉर्मर (छोटा)
PWM IC का सिग्नल हाई-वोल्टेज वाले ट्रांजिस्टर/MOSFET के गेट तक अलग-थलग पहुँचाने वाला छोटा फेराइट ट्रांसफ़ॉर्मर, खासकर हाफ़-ब्रिज या टू-ट्रांजिस्टर फ़ॉरवर्ड में। सूखे जोड़ और टूटा तार आम खराबी है।
2.5 स्टार्टअप रेसिस्टर
असली मान: कुछ सौ kΩ, अक्सर 2 या 3 रेसिस्टर सीरीज़ में (हाई वोल्टेज बाँटने के लिए), 1/2W से 2W।
कार्य: पहली बार चालू करते समय PWM IC को शुरुआती Vcc देते हैं ताकि वह चलना शुरू करे। जब IC चल पड़ता है तो ट्रांसफ़ॉर्मर की सहायक वाइंडिंग से उसे सप्लाई मिलने लगती है। यह रेसिस्टर ओपन हो जाए तो SMPS चालू ही नहीं होता।
3. DC आउटपुट सेक्शन (सेकेंडरी साइड)
ट्रांसफ़ॉर्मर की सेकेंडरी से निकली ऊँची फ़्रीक्वेंसी की AC को यहाँ फिर से DC में बदला जाता है और चिकना किया जाता है।
3.1 शॉटकी / फ़ास्ट रेक्टिफ़ायर डायोड
असली मान: 12V रेल के लिए जैसे MBR20100CT, SBL2040CT, 5V और 3.3V रेल के लिए जैसे STPS3045CW, SBL3040PT या MBR3045PT। तीन पाँव वाले TO-220 या TO-247, हीटसिंक पर। एक पैकेज में दो डायोड कॉमन कैथोड के साथ होते हैं।
कार्य सिद्धांत: शॉटकी डायोड में धातु-सेमीकंडक्टर जंक्शन होता है, इसलिए फ़ॉरवर्ड ड्रॉप सिर्फ़ 0.3V से 0.5V होती है (साधारण डायोड में 0.7V) और वह बहुत तेज़ चलता है। 5V रेल पर 30A जैसे बड़े करंट में कम ड्रॉप से गर्मी बहुत घटती है।
खराबी: शॉर्ट होना, इस रेल की आउटपुट वोल्टेज गिरना और SMPS का प्रोटेक्शन में चले जाना या क्लिक-क्लिक की आवाज़। यह सेकेंडरी की सबसे आम खराबी है।
3.2 आउटपुट इंडक्टर / कॉइल (चोक)
पीले-सफ़ेद टोरॉइड कोर (पाउडर आयरन) पर मोटे तार की कुंडली, और एक बड़ा कोर जिसपर 5V, 3.3V और 12V की कुंडलियाँ साथ में लिपटी रहती हैं (मैग-एम्प / कपल्ड इंडक्टर)।
कार्य सिद्धांत: इंडक्टर करंट के बदलाव का विरोध करता है। डायोड से आने वाले पल्स में ऊर्जा जमा करके और वापस देकर एक समतल करंट बनाता है। इससे आउटपुट कैपेसिटर के साथ मिलकर LC फ़िल्टर बनता है।
3.3 आउटपुट इलेक्ट्रोलिटिक कैपेसिटर (लो ESR)
असली मान: 12V के लिए 1000µF/25V या 16V, 5V और 3.3V के लिए 2200µF/10V या 16V, कई समानांतर में। 105°C रेटिंग वाले कम ESR (Low ESR) वाले। मशहूर ब्रांड Nippon Chemi-Con, Rubycon, Panasonic, Nichicon।
कार्य सिद्धांत: आउटपुट के बचे हुए रिपल को सोखकर साफ़ DC बनाता है। लोड बदलने पर अचानक करंट की ज़रूरत भी यही पूरी करता है।
खराबी: SMPS में सबसे ज़्यादा बिगड़ने वाला पार्ट। ऊँचे तापमान पर सूखकर ESR बढ़ जाता है, ऊपर से फूलना (हैड फूलना), नीचे से तरल रिसना। लक्षण: कंप्यूटर रैंडम रीस्टार्ट, हैंग, बीप, हार्ड डिस्क की आवाज़।
सीरीज़ और पैरेलल जाँच का तरीका: छोटे वोल्टेज (16V या 10V) वाले सेकेंडरी कैपेसिटर पर, पावर बंद रखकर और डिस्चार्ज करके, संदिग्ध कैपेसिटर के समानांतर में एक नया ठीक कैपेसिटर जोड़कर चालू करके देखा जा सकता है। रिपल कम हो जाए तो वह कैपेसिटर खराब है। यह सिर्फ़ टेस्ट के लिए है, इसे बल्क कैपेसिटर (400V) पर कभी न करें।
3.4 लोड रेसिस्टर और ब्लीडर रेसिस्टर
5V या 12V रेल पर लगा छोटा रेसिस्टर, जैसे 100Ω से 500Ω, 2W से 5W। बिना लोड के भी न्यूनतम करंट देता है ताकि SMPS बिना लोड के सही चले, और बंद होने पर कैपेसिटर को धीरे-धीरे डिस्चार्ज करता है। यह जला हो तो रेल की वोल्टेज बेकाबू हो सकती है।
3.5 3.3V रेल
कई ATX में 3.3V अलग से नहीं बनती, बल्कि 5V की कुंडली से मैग-एम्प (सैचुरेबल कोर रेगुलेटर) या रेगुलेटर MOSFET से बनाई जाती है। मैग-एम्प का कोर जलने या MOSFET के शॉर्ट होने पर 3.3V गायब या गलत मिलती है।
ATX 24-पिन कनेक्टर: तारों का रंग और काम
| रंग | सिग्नल | सामान्य वोल्टेज | काम |
|---|---|---|---|
| नारंगी | +3.3V | 3.3V | रैम, चिपसेट, पुराने कार्ड |
| लाल | +5V | 5V | लॉजिक सर्किट, USB, ड्राइव |
| पीला | +12V | 12V | CPU, GPU, पंखे, मोटर |
| नीला | −12V | −12V | पुराने सीरियल पोर्ट |
| काला | GND | 0V | सबका कॉमन रिटर्न |
| हरा | PS_ON | खुला होने पर लगभग 5V, GND से जुड़ने पर 0V | पावर चालू करने का सिग्नल |
| स्लेटी | PG (Power Good) | लगभग 5V | बताता है कि सारी रेल ठीक हैं |
| बैंगनी | +5VSB | 5V हमेशा | स्टैंडबाय पावर, मदरबोर्ड बटन के लिए |
PS_ON हरे तार को किसी काले (GND) तार से जोड़ दें तो बिना मदरबोर्ड के SMPS चालू हो जाता है (पेपरक्लिप टेस्ट)। बिना लोड के चलाने से पहले एक छोटा लोड, जैसे हार्ड डिस्क या लोड रेसिस्टर, जोड़ना बेहतर रहता है।
4. कंट्रोल और सुरक्षा सर्किट
4.1 PWM कंट्रोलर IC
असली पार्ट: TL494, KA7500B, SG6105, CM6800 (PFC सहित), UC3842 (करंट मोड)। 16-पिन या 8-पिन IC।
कार्य सिद्धांत: PWM यानी Pulse Width Modulation। IC की अपनी एक आरी-दाँत वेव बनती है, जिसकी तुलना फ़ीडबैक वोल्टेज से होती है और इसी से ड्यूटी साइकिल (पल्स की चौड़ाई) तय होती है। आउटपुट कम हो तो पल्स चौड़ी करता है, ज़्यादा हो तो पतली करता है। इसी तरह आउटपुट वोल्टेज स्थिर रहता है, चाहे AC इनपुट या लोड बदले।
खराबी: Vcc न मिलना (स्टार्टअप रेसिस्टर, डायोड, कैपेसिटर), ऑसिलेटर बंद होना, जलना। कई SMPS में MOSFET शॉर्ट होने के साथ यह IC भी खराब होता है।
4.2 फ़ीडबैक: TL431 और ऑप्टोकपलर PC817
असली पार्ट: TL431 (2.495V एडजस्टेबल शंट रेफ़रेंस) और PC817 या EL817 ऑप्टोकपलर (4-पिन DIP)।
कार्य सिद्धांत: आउटपुट (जैसे 5V) को दो रेसिस्टर से बाँटकर TL431 के रेफ़रेंस पिन पर भेजा जाता है। वहाँ 2.495V से ऊपर जाते ही TL431 ज़्यादा करंट खींचता है। इससे ऑप्टोकपलर की LED ज़्यादा जलती है और प्राइमरी साइड का फ़ोटो-ट्रांजिस्टर PWM IC को बताता है कि आउटपुट ज़्यादा है, पल्स घटाओ। इसमें प्रकाश के सहारे सिग्नल जाता है, इसलिए बिजली का कोई सीधा रास्ता नहीं बनता और प्राइमरी और सेकेंडरी अलग रहते हैं (गैल्वेनिक आइसोलेशन)।
खराबी: फ़ीडबैक टूट जाए (ऑप्टो या TL431 खराब) तो PWM IC को लगता है आउटपुट कम है और वह पल्स बढ़ाता रहता है। आउटपुट वोल्टेज बहुत बढ़ जाती है, जिसे OVP रोकता है, या हार्डवेयर जल सकता है। वोल्टेज कम आना, ज़्यादा आना, शूटिंग आउट, क्लिक की आवाज़ सब इसी से हो सकते हैं।
4.3 स्टैंडबाय सप्लाई (5VSB)
एक अलग छोटा फ्लाईबैक SMPS जो पावर प्लग लगाते ही हमेशा चलता है और 5V, लगभग 2A तक देता है। इसमें अपना छोटा MOSFET या IC (जैसे DM0265R, TNY जैसी सीरीज़, या ट्रांजिस्टर आधारित), छोटा ट्रांसफ़ॉर्मर, डायोड और 1000µF के आसपास कैपेसिटर होते हैं। मदरबोर्ड का पावर बटन, USB चार्जिंग, Wake-on-LAN इसी से चलते हैं। 5VSB न आए तो मुख्य SMPS भी चालू नहीं होगा।
4.4 सुपरवाइज़र सर्किट (PG, OVP, UVP, OCP, SCP)
असली पार्ट: LM339 क्वाड कंपेरेटर (या सुपरवाइज़र IC जैसे PS223, WT7520), बहुत सारे छोटे रेसिस्टर, ज़ेनर डायोड, ट्रांजिस्टर।
| सुरक्षा | काम |
|---|---|
| OVP (Over Voltage) | किसी रेल का वोल्टेज बहुत बढ़े तो पूरा SMPS बंद, ताकि कंप्यूटर के पार्ट बचें |
| UVP (Under Voltage) | वोल्टेज बहुत गिरे तो बंद |
| OCP (Over Current) | ज़्यादा करंट खिंचने पर बंद |
| SCP (Short Circuit) | किसी रेल का शॉर्ट मिले तो तुरंत बंद |
| PG (Power Good) | चालू होने के बाद रेल स्थिर होने पर लगभग 100ms से 500ms बाद 5V का सिग्नल मदरबोर्ड को देता है कि अब बूट करना सुरक्षित है |
रेल का वोल्टेज सही न हो तो सुपरवाइज़र PG नहीं देता, और पंखा घूमता रहता है पर कंप्यूटर शुरू नहीं होता।
4.5 एक्टिव PFC (केवल कुछ SMPS में)
बल्क कैपेसिटर से पहले एक बूस्ट कन्वर्टर लगता है: PFC MOSFET, बड़ा चोक, हाई-वोल्टेज डायोड और PFC कंट्रोलर (CM6800)। यह इनपुट करंट को वोल्टेज की तरह साइनुसॉइडल रखता है (पावर फ़ैक्टर 0.95 से 0.99) और बल्क कैपेसिटर पर लगभग 380V से 400V स्थिर DC बनाता है। इस वजह से बल्क कैपेसिटर 400V का होता है।
4.6 पंखा और थर्मिस्टर
12V का 80mm या 120mm पंखा। कई SMPS में थर्मिस्टर से तापमान के हिसाब से पंखे की गति बदलती है। पंखा रुकने पर MOSFET और डायोड ओवरहीट होकर जलते हैं, इसलिए पंखा जाम हो तो तुरंत बदलें।
खराबी की जाँच और मरम्मत के कदम
पहले लक्षण नोट करें—पूरी तरह डेड, चालू होकर बंद होना, अस्थिरता, या रेल का गलत वोल्टेज। पंखे का न घूमना अपने-आप में खराबी का प्रमाण नहीं है; कुछ PSU में zero-RPM मोड होता है।
मरम्मत की सीमा
SMPS के अंदर प्लग निकालने के बाद भी जानलेवा चार्ज रह सकता है। अनुभव और सही उपकरण न हों तो केस न खोलें, प्राइमरी साइड पर माप/सोल्डरिंग न करें—पूरा PSU बदलें या प्रशिक्षित टेक्नीशियन को दें। लाइव खुले बोर्ड पर काम न करें।
- बाहरी जाँच: दीवार का सॉकेट, IEC पावर केबल, PSU स्विच और जले/ढीले कनेक्टर देखें। जली गंध, पिघलाव या तरल दिखे तो उपयोग बंद करें।
- कनेक्टर और लोड अलग करें: प्लग निकालकर कंप्यूटर से PSU के सभी कनेक्टर हटाएँ। मदरबोर्ड/GPU में शॉर्ट या खराब परिधीय डिवाइस भी PSU को प्रोटेक्शन में डाल सकते हैं।
- केवल बाहरी आउटपुट जाँचें: उपयुक्त मल्टीमीटर से कनेक्टर पर 5VSB (बैंगनी-से-काला) और चालू PSU पर +12V/+5V/+3.3V रेल जाँचें। पिनआउट/मीटर सेटिंग दो बार सत्यापित करें; प्रोब से पड़ोसी पिन शॉर्ट न करें।
- लक्षण के अनुसार: 5VSB न हो या PSU बिल्कुल डेड हो तो केबल/इनलेट/PSU की जाँच कराएँ। 5VSB हो पर PS_ON पर न चले तो मदरबोर्ड या PSU कारण हो सकता है। क्लिक/बार-बार बंद होना ओवरलोड, शॉर्ट या आंतरिक सुरक्षा ट्रिप का संकेत हो सकता है।
- कम/ज़्यादा रेल या अस्थिरता: कंप्यूटर से तुरंत अलग करें। गलत वोल्टेज कंपोनेंट नष्ट कर सकता है; PSU बदलें/टेक्नीशियन को दें। बाहरी वोल्टेज ठीक होने पर भी लोड के नीचे गिरावट या अधिक रिपल हो सकता है—इसके लिए उचित लोड टेस्ट/ऑसिलोस्कोप चाहिए।
- मरम्मत के बाद: प्रशिक्षित टेक्नीशियन सही रेटिंग के पार्ट, सोल्डर-जोड़, इन्सुलेशन, अर्थिंग, प्रोटेक्शन और लोड के नीचे सभी रेल सत्यापित करे। फ़्यूज़ को कभी बायपास न करें और केवल फ़्यूज़ बदलकर PSU चालू न करें।
हरे PS_ON को काले GND से जोड़ने वाला bench test PSU को चालू करने का संकेत मात्र है; यह PSU की صحت/लोड क्षमता साबित नहीं करता। अनजान PSU या खुली यूनिट पर पेपरक्लिप टेस्ट न करें।
ATX 24-पिन, Molex, SATA और CPU कनेक्टर
रंग ATX wiring में सामान्य प्रचलन हैं, गारंटी नहीं—कुछ आधुनिक/मॉड्यूलर केबलों में रंग नहीं होते। मॉड्यूलर PSU के PSU-साइड पिनआउट ब्रांड/मॉडल के बीच मानकीकृत नहीं हैं; दूसरे PSU की केबल कभी न मिलाएँ। वोल्टेज GND (काला) के सापेक्ष नाममात्र मान हैं।
ATX 24-पिन (मुख्य मदरबोर्ड पावर)
| पिन | सामान्य तार रंग | सिग्नल | नाममात्र वोल्टेज / काम |
|---|---|---|---|
| 1, 2, 12, 13 | नारंगी (13 पर कभी भूरा sense) | +3.3V | +3.3V रेल; पिन 13 sense wire भी हो सकता है |
| 3, 5, 7, 15, 17, 18, 19, 24 | काला | COM / GND | 0V रिटर्न |
| 4, 6, 21, 22, 23 | लाल | +5V | +5V रेल |
| 8 | स्लेटी | PWR_OK / PG | रेल स्थिर होने पर लॉजिक हाई, सामान्यतः लगभग +5V |
| 9 | बैंगनी | +5VSB | प्लग लगा और AC उपलब्ध हो तो हमेशा लगभग +5V |
| 10, 11 | पीला | +12V | +12V रेल |
| 14 | नीला | −12V | −12V, कम-करंट रेल |
| 16 | हरा | PS_ON# | Active-low control; GND पर खींचने से मुख्य आउटपुट चालू होने का अनुरोध |
| 20 | आमतौर पर कोई तार नहीं | NC | पुराने ATX में −5V/सफ़ेद तार; आधुनिक ATX में उपयोग नहीं |
ATX 24-पिन के लिए सामान्य सहनशीलता: +12V ±5% (11.40–12.60V), +5V ±5% (4.75–5.25V), +3.3V ±5% (3.135–3.465V), +5VSB ±5%; −12V की सहनशीलता सामान्यतः ±10% है। पिन नंबर connector को सही latch/orientation से देखकर ही मिलाएँ—सामने और तारों वाली तरफ़ का क्रम उलटा दिखता है।
Peripheral 4-पिन Molex
| पिन (एक किनारे से दूसरे तक) | तार रंग | सिग्नल | वोल्टेज |
|---|---|---|---|
| 1 | पीला | +12V | +12V |
| 2 | काला | COM / GND | 0V |
| 3 | काला | COM / GND | 0V |
| 4 | लाल | +5V | +5V |
SATA पावर (15-पिन)
| पिन | सामान्य तार रंग | सिग्नल | वोल्टेज / टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| 1–3 | नारंगी (कई केबलों में अनुपस्थित) | +3.3V | +3.3V; कई SATA power leads यह रेल नहीं देते |
| 4–6 | काला | GND | 0V |
| 7–9 | लाल | +5V | +5V |
| 10 | काला | GND | 0V |
| 11 | काला/विशेष wiring | GND या staggered spin-up / activity | डिवाइस/केबल पर निर्भर; इसे सामान्य +12V पिन न मानें |
| 12 | काला | GND | 0V |
| 13–15 | पीला | +12V | +12V |
CPU पावर: ATX12V 4-पिन और EPS12V 8-पिन (4+4)
| कनेक्टर/पिन समूह | तार रंग | सिग्नल | वोल्टेज |
|---|---|---|---|
| 4-पिन: 2 पिन | पीला | +12V | +12V CPU VRM इनपुट |
| 4-पिन: 2 पिन | काला | COM / GND | 0V रिटर्न |
| 8-पिन EPS: 4 पिन | पीला | +12V | +12V CPU VRM इनपुट |
| 8-पिन EPS: 4 पिन | काला | COM / GND | 0V रिटर्न |
CPU/EPS 4+4 को PCIe GPU 6+2 से न मिलाएँ—कुंजी/वायरिंग अलग है। कनेक्टर को बलपूर्वक न लगाएँ। असामान्य रंग, pinout या modular cable होने पर PSU/मदरबोर्ड निर्माता का दस्तावेज़ देखें।
सिमुलेटर और प्रैक्टिकल टूल
इंटरैक्टिव सर्किट, कंपोनेंट और रिपेयर टूल।
असली कंपोनेंट कैसे दिखते हैं
नीचे हर पार्ट की शक्ल बोर्ड पर जैसी मिलती है वैसी बनाई गई है, साथ में उस पर छपे निशान, पहचान और खराब होने पर दिखने वाले लक्षण। ये चित्र ड्रॉइंग हैं, फ़ोटो नहीं। रंग और छपाई कंपनी और मॉडल के हिसाब से थोड़ी अलग हो सकती है।
लाइव सर्किट: बिजली का सफ़र चलते हुए देखें
कंट्रोल बदलें और सर्किट में वोल्टेज व खराबी का असर देखें। लाइन फ़्रीक्वेंसी 50 Hz पर स्थिर है; गति का कंट्रोल केवल एनीमेशन धीमा या तेज़ करता है।
AC स्लाइडर चलाएँ। 90–300 V के बीच इनपुट बदलता देखें।
खराबी चुनें। सर्किट में चमक, ट्रिप और रेल वोल्टेज का बदलाव देखें।
नोड पर टैप करें। 265 V से ऊपर MOV/फ़्यूज़ खराब हो सकते हैं; 160 V से नीचे सुरक्षा ट्रिप होती है।
लाइन फ़्रीक्वेंसी 50 Hz पर स्थिर है। सिमुलेशन गति केवल एनीमेशन धीमा/तेज़ करती है। 265V AC से ऊपर MOV और फ़्यूज़ जलेंगे; 160V AC से नीचे अंडरवोल्टेज सुरक्षा SMPS को ट्रिप करेगी।
कंपोनेंट चुनें · सही और खराब रीडिंग की तुलना
किसी पार्ट को खोजें और चुनें। खराब स्थिति डिफ़ॉल्ट है ताकि सर्किट में असर दिखे; सही स्थिति चुनकर दोनों की तुलना करें। मीटर की रीडिंग केवल सीखने के लिए है—असल SMPS के प्राइमरी में जानलेवा वोल्टेज रहता है।
कंपोनेंट चुनें
हर पिन/नोड पर लाइव वोल्टेज
AC नोड L/F/R की रीडिंग न्यूट्रल N के सापेक्ष तात्कालिक मान है; प्राथमिक BP/BN और सेकेंडरी नोड अपने-अपने GND के सापेक्ष हैं।
ऑसिलोस्कोप
चैनल चुनें। स्क्रीन पिछले 40ms (AC के दो चक्र) दिखाती है। CH4 MOSFET के ड्रेन की तेज़ स्विचिंग है, जो 60µs के ज़ूम में दिखाई गई है।
5. चलता हुआ सिमुलेटर
स्लाइडर बदलकर देखें कि हर स्टेज पर वेवफ़ॉर्म कैसे बदलता है। चारों ग्राफ़ एक ही समय पैमाने (40ms, यानी 50Hz के दो पूरे चक्र) पर हैं, सिवाय स्विचिंग वाले ग्राफ़ के, जो ज़ूम करके दिखाया गया है। यह सरल गणित वाला मॉडल है, असली बोर्ड की तरह सटीक नहीं।
🔧 एडवांस रिपेयर टेस्ट बेंच
यहाँ दो अलग काम हैं: चलती सप्लाई का व्यवहार देखें, या बिजली बंद करके कंपोनेंट को मीटर से जाँचें।
| स्थिति | कौन सा पार्ट पहले जाता है | क्यों और लक्षण |
|---|---|---|
| AC 270–285V लगातार | MOV (वेरिस्टर), फिर फ़्यूज़ | MOV 275V पर चालू होकर भारी करंट लेता है, गर्म होकर जलता है और फ़्यूज़ उड़ा देता है। बाकी पार्ट बच जाते हैं। |
| AC 290V+ (MOV नहीं) | बल्क कैपेसिटर C1 | 290V का पीक 410V है जबकि C1 की रेटिंग 400V। कैप फूलता है, फटता है या शॉर्ट होता है, फिर फ़्यूज़ उड़ता है। |
| AC 370V+ (न्यूट्रल टूटना, 2 फ़ेज़) | Q1 MOSFET, साथ में C1, ब्रिज, R1, PWM IC | बल्क 520V, Q1 पर पीक 650V पार। D–S शॉर्ट, फ़्यूज़ उड़ा, अक्सर स्टार्टअप R और IC भी जलते हैं। |
| बिजली की स्पाइक 1kV+ | ब्रिज डायोड (800V), फिर Q1 (650V) | MOV हो तो वह सोखकर जलता है। न हो तो स्पाइक सीधे ब्रिज और MOSFET को मारती है। |
| ओवरलोड 450–520W | Q1, T1, शॉटकी D1, C2 गरम | वोल्टेज झुकती है, रिपल बढ़ता है, PG अस्थिर। ज़्यादा देर चला तो Q1 150°C पार कर जलता है। |
| ओवरलोड 520W+ या सेकेंडरी शॉर्ट | OCP सही हो तो कोई नहीं (हिकअप) | क्लिक-क्लिक की आवाज़। OCP ख़राब हो तो Q1 और शॉटकी जलते हैं। |
| मेन्स Hz बढ़ना या घटना (40–65) | लगभग कोई नहीं | AC पहले DC बन जाती है, इसलिए सिर्फ़ बल्क का रिपल बदलता है। जनरेटर या इन्वर्टर में Hz के साथ वोल्टेज भी उछलता है, असली ख़तरा वही है। |
| स्विचिंग Hz बढ़ना (>110kHz) | Q1 और शॉटकी D1 | हर स्विच पर नुकसान बढ़ता है, गर्मी, रेगुलेशन ढीला। वजह: IC का टाइमिंग R/C बदलना। |
| स्विचिंग Hz घटना (<45kHz) | T1 कोर संतृप्त, फिर Q1 | फ़्लक्स ज़्यादा बनता है, करंट अचानक उछलता है, Q1 पर वोल्टेज स्पाइक। फ़्यूज़ उड़ता है। |
नीचे इन सबको खुद चलाकर देखें।
⚡ पावर फ़्लो (लाइव)
लाइव ऑसिलोस्कोप (लाल प्रोब पर)
पार्ट जाँचने से पहले बिजली बंद करें
इस टैब पर जाने से सिम्युलेटर का AC प्लग हटेगा और बल्क कैपेसिटर डिस्चार्ज होगा। असली बोर्ड पर भी प्लग निकालें, उचित रेसिस्टर से डिस्चार्ज करें और मीटर से 0V की पुष्टि करें। Ω, कंटिन्यूटी, डायोड और कैपेसिटेंस मोड चालू सर्किट पर न लगाएँ।
मीटर मोड: कौन सा टेस्ट कहाँ
Ω / कंटिन्यूटी: रेसिस्टर, फ्यूज़ और वाइंडिंग का खुला/शॉर्ट रास्ता। डायोड: डायोड, ब्रिज, MOSFET बॉडी-डायोड और BJT जंक्शन। कैपेसिटेंस: डिस्चार्ज और अलग किए कैपेसिटर की क्षमता। DC/AC वोल्ट: केवल रनिंग टैब में सुरक्षित माप-बिंदुओं के लिए। प्रोब पिन-चिप (जैसे BP) पर टैप करके मीटर से जोड़ें।
साधारण DMM हर पार्ट की पूरी सेहत प्रमाणित नहीं करता: कैपेसिटर ESR के लिए ESR मीटर, ट्रांसफ़ॉर्मर के शॉर्टेड टर्न के लिए LCR/रिंग टेस्टर, और PWM IC/MOV की पूरी जाँच के लिए डेटाशीट-आधारित विशेष टेस्ट चाहिए।
🔎 पार्ट चुनें — मीटर अपने-आप सेट होगा
🧩 सारे कंपोनेंट: टैप करो, खराब करो, जाँचो
ऊपर सूची से चुनें या स्टेज में पार्ट पर टैप करें। मीटर मोड, प्रोब और चुने पार्ट की टेस्ट विधि अपने-आप अपडेट होगी। शॉर्ट/ओपन/कमज़ोर स्थिति बदलकर रीडिंग का अंतर देखें।
📋 स्टेप बाय स्टेप गाइड
6. सीरीज़ और पैरेलल: जाँच और गणना
6.1 रेसिस्टर और कैपेसिटर कैलकुलेटर
तीन मान डालें। नीचे सीरीज़ और पैरेलल का परिणाम तुरंत दिखेगा। उदाहरण में दो 220µF/200V बल्क कैपेसिटर सीरीज़ में हैं, जिन्हें 115V मोड में लगाया जाता है।
6.2 SMPS में सीरीज़ और पैरेलल कहाँ दिखता है
| जगह | कैसे जुड़ा | क्यों |
|---|---|---|
| 115V/230V स्विच वाले बल्क कैपेसिटर | दो 200V कैपेसिटर सीरीज़ में, हर एक के समानांतर 100kΩ से 150kΩ का बैलेंसिंग रेसिस्टर | सीरीज़ में वोल्टेज बँट जाता है, इसलिए दो 200V से 400V झेले जाते हैं। रेसिस्टर दोनों पर वोल्टेज बराबर रखता है और बंद होने पर डिस्चार्ज भी करता है। क्षमता आधी हो जाती है (दो 330µF → 165µF) |
| आउटपुट कैपेसिटर | कई कैपेसिटर पैरेलल में | क्षमता जुड़ती है और ESR घटता है, यानी रिपल कम और ज़्यादा करंट सहने की क्षमता |
| डुअल शॉटकी डायोड (TO-220 में दो डायोड) | एक ही पैकेज में पैरेलल में | करंट बाँटने के लिए, जैसे 2×15A → लगभग 30A |
| स्टार्टअप रेसिस्टर | दो या तीन सीरीज़ में | हाई-वोल्टेज बँट जाती है, हर रेसिस्टर पर कम वोल्टेज रहता है और यह सुरक्षित रहता है |
| पावर रेसिस्टर/सेंस रेसिस्टर | कभी-कभी दो पैरेलल में | कम मान और ज़्यादा वाट क्षमता (जैसे 0.22Ω) |
6.3 सीरीज़ में बल्ब लगाकर जाँच (बल्ब टेस्टर)
SMPS की मरम्मत में सबसे काम की तरकीब: 60W से 100W का साधारण (तापदीप्त) बल्ब AC लाइन की एक तार (Live) में सीरीज़ में लगाएँ। उसके बाद SMPS को चालू करें। बल्ब करंट सीमित करता है, इसलिए शॉर्ट होने पर भी आग नहीं लगती और पार्ट बचते हैं। नीचे सूची से बल्ब का व्यवहार चुनें।
बल्ब वाली जाँच सिर्फ़ SMPS के पावर बंद अवस्था वाली जाँच के बाद करें। जाँच के दौरान प्राइमरी साइड को हाथ न लगाएँ। आइसोलेशन ट्रांसफ़ॉर्मर साथ में हो तो और भी अच्छा।
SMPS को सीरीज़ में चेक करना और समानांतर (पैरेलल) में चेक करना
पहले बुनियादी नियम: सीरीज़ में सब पार्ट में करंट एक ही बहता है और वोल्टेज बँट जाता है। पैरेलल में सब पार्ट पर वोल्टेज एक ही रहता है और करंट बँट जाता है। इसीलिए वोल्टमीटर हमेशा पैरेलल में और एमीटर हमेशा सीरीज़ में लगता है।
सीरीज़ में चेक करना
मीटर, बल्ब, रेसिस्टर या फ़्यूज़ को SMPS के रास्ते में बीच में जोड़ना। उदाहरण: AC लाइन में 100W का बल्ब (बल्ब टेस्टर), एमीटर से करंट नापना, 47Ω 10W का सॉफ़्ट-स्टार्ट रेसिस्टर।
फायदे
- शॉर्ट हो तो करंट बल्ब सीमित कर देता है, इसलिए पार्ट बचते हैं और आग का ख़तरा घटता है।
- बल्ब की चमक देखकर बिना मीटर के पता चल जाता है कि शॉर्ट है, हिक-अप है या सब ठीक है।
- एमीटर असली करंट बताता है। इससे पावर (वाट = वोल्ट × एम्पियर) निकल जाती है।
- सस्ता और आसान, मरम्मत का पहला चरण।
नुकसान
- बल्ब वोल्टेज गिरा देता है, इसलिए SMPS को पूरा वोल्टेज और पूरा लोड नहीं मिलता। पूरे लोड पर टेस्ट नहीं हो सकता।
- एमीटर लगाने के लिए सर्किट तोड़ना पड़ता है। गलत रेंज में लगाने पर मीटर का फ़्यूज़ उड़ जाता है।
- AC के तार में काम होता है। जोड़ खुले हों या Live तार गलत चुना हो तो करंट का झटका लग सकता है।
- रिपल या वेवफ़ॉर्म इससे नहीं दिखते।
समानांतर (पैरेलल) में चेक करना
मीटर, स्कोप, लोड या कैपेसिटर को किसी पार्ट या रेल के आर-पार जोड़ना। उदाहरण: रेल और GND पर वोल्टमीटर, स्कोप प्रोब, डमी लोड, संदिग्ध कैपेसिटर के समानांतर नया ठीक कैपेसिटर।
फायदे
- सर्किट खोलना नहीं पड़ता। चालू हालत में सीधे वोल्टेज देख सकते हैं।
- हर रेल की जाँच तेज़ है (12V, 5V, 3.3V, PG, 5VSB)।
- समानांतर कैपेसिटर टेस्ट से सूखा कैपेसिटर जल्दी पकड़ में आता है, क्योंकि कुल ESR घट जाता है।
- डमी लोड लगाकर बिना मदरबोर्ड के भी लोड के नीचे वोल्टेज देख सकते हैं।
- स्कोप से रिपल और वेवफ़ॉर्म दिखते हैं।
नुकसान
- कम प्रतिरोध वाला मीटर या प्रोब सर्किट को बदल सकता है और रीडिंग गलत आ सकती है।
- प्रोब फिसलकर पास-पास के दो पिन जोड़ दे (शॉर्ट) तो पार्ट जल सकता है।
- प्राइमरी साइड (300V) पर चालू जाँच जानलेवा हो सकती है। सिर्फ़ सही सुरक्षा के साथ।
- समानांतर कैपेसिटर से खराबी छिप सकती है और यह 400V के बल्क कैपेसिटर पर कभी नहीं करना है।
- डमी लोड ज़्यादा हो जाए तो SMPS ओवरलोड होकर बंद हो जाता है या जल जाता है।
सही क्रम (मरम्मत में)
| चरण | तरीका | जोड़ | क्या पता चलता है |
|---|---|---|---|
| 1 | बंद और डिस्चार्ज करके दृश्य जाँच, फिर ओम | पैरेलल (प्रोब पार्ट के आर-पार) | शॉर्ट या ओपन पार्ट, फूले कैपेसिटर |
| 2 | बल्ब टेस्टर लगाकर चालू करना | सीरीज़ (AC लाइन में बल्ब) | प्राइमरी शॉर्ट, हिक-अप, सामान्य |
| 3 | रेल का वोल्टेज और PG नापना | पैरेलल (वोल्टमीटर) | कौन सी रेल कम, ज़्यादा या गायब |
| 4 | करंट नापना (ज़रूरत हो तो) | सीरीज़ (एमीटर) | असली लोड और ओवरलोड |
| 5 | रिपल स्कोप से देखना | पैरेलल (स्कोप प्रोब) | सूखे कैपेसिटर, कमज़ोर फ़ीडबैक |
| 6 | संदिग्ध कम-वोल्टेज कैपेसिटर के समानांतर नया कैपेसिटर | पैरेलल | कैपेसिटर सूखा है या नहीं |
लाइव: बल्ब टेस्टर (सीरीज़ चेक)
SMPS की हालत चुनें। बल्ब की चमक, सीरीज़ में लगे एमीटर (A) और SMPS के आर-पार पैरेलल में लगे वोल्टमीटर (V) को देखें। संख्याएँ लगभग (100W बल्ब, 230V) अंदाज़े हैं।
लाइव: समानांतर कैपेसिटर टेस्ट (आउटपुट रिपल)
सूखे आउटपुट कैपेसिटर का ESR ज़्यादा होता है, इसलिए रिपल बड़ा बनता है (रिपल ≈ करंट के उतार-चढ़ाव × ESR)। एक ठीक कैपेसिटर समानांतर में जोड़ने पर कुल ESR घटता है। सीरीज़ में जोड़ने पर ESR जुड़ता है और रिपल बढ़ता है। यहाँ 12V रेल का करंट उतार-चढ़ाव 0.5A और सूखे कैपेसिटर का ESR 1.2Ω माना गया है, नया कैपेसिटर 0.05Ω का।
सीरीज़: ESR = ESR₁ + ESR₂ = 1.25Ω (और क्षमता घटकर आधी)
450W ATX SMPS: बोर्ड पर कहाँ क्या है
यह एक सामान्य (टिपिकल) 450W ATX SMPS का नक्शा है, किसी एक कंपनी के मॉडल की कॉपी नहीं। रेफ़रेंस नाम (F1, BD1, Q1 वगैरह) और पार्ट नंबर कंपनी और मॉडल के हिसाब से बदलते हैं, पर बनावट लगभग ऐसी ही रहती है: बाईं तरफ़ AC इनपुट और प्राइमरी, बीच में ट्रांसफ़ॉर्मर, दाईं तरफ़ सेकेंडरी और आउटपुट। किसी भी पार्ट पर टैप करें या नीचे की सूची से चुनें।
450W का सामान्य रेटिंग लेबल
| रेल | सामान्य करंट | सहनशीलता | रिपल सीमा | किसके लिए |
|---|---|---|---|---|
| +3.3V | लगभग 20A से 24A | ±5% | 50mV | रैम, चिपसेट |
| +5V | लगभग 20A से 30A | ±5% | 50mV | USB, ड्राइव, लॉजिक |
| +12V | लगभग 18A से 30A (अक्सर 12V1 और 12V2) | ±5% | 120mV | CPU, GPU, पंखे |
| −12V | लगभग 0.5A से 0.8A | ±10% | 120mV | पुराने सीरियल पोर्ट |
| +5VSB | लगभग 2A से 2.5A | ±5% | 50mV | स्टैंडबाय, पावर बटन |
असली मान आपके SMPS के स्टिकर पर छपे होते हैं। सस्ते SMPS पर लिखा 450W अक्सर पीक वाट होता है और वह लगातार इतना नहीं दे पाता, इसलिए स्टिकर की 12V की एम्पियर रेटिंग देखें।
कनेक्टर और उनका लोड
| कनेक्टर | तारों के रंग | काम |
|---|---|---|
| 24-पिन ATX | नारंगी, लाल, पीला, नीला, काला, हरा, स्लेटी, बैंगनी | मदरबोर्ड को सब रेल (नारंगी 3.3V, लाल 5V, पीला 12V, नीला −12V, काला GND, हरा PS_ON, स्लेटी PG, बैंगनी 5VSB) |
| 4+4 पिन CPU (EPS) | पीला और काला | CPU के लिए 12V |
| 6+2 पिन PCIe | पीला और काला | ग्राफ़िक्स कार्ड के लिए 12V |
| SATA | पीला, लाल, नारंगी, काला | SSD और HDD: 12V, 5V और 3.3V |
| Molex 4-पिन | पीला, लाल, काला | पंखे, पुराने ड्राइव: 12V और 5V |
450W SMPS के साथ दो काम के टूल
लोड कैलकुलेटर: आपका कंप्यूटर कितना खींचता है
अपने कंप्यूटर के पार्ट चुनें। संख्याएँ सामान्य अनुमान हैं, असली खपत मॉडल के हिसाब से अलग होती है। CPU और GPU की वाट रेटिंग (TDP) उनके डेटाशीट में मिलती है।
मरम्मत की सीढ़ी: सवाल-जवाब से खराबी तक
हर सवाल का जवाब चुनें। अंत में कारण और जाँच के कदम मिलेंगे। पहला कदम हमेशा बल्ब टेस्टर (सीरीज़ में बल्ब) है।
7. खराबी खोजें और ठीक करें
लक्षण चुनें। जाँच के क्रम, मल्टीमीटर रीडिंग और ठीक करने का तरीका नीचे आएगा।
8. मल्टीमीटर से पार्ट कैसे जाँचें
पावर बंद, प्लग निकला हुआ और बल्क कैपेसिटर डिस्चार्ज होने के बाद ही। सही रीडिंग मोटा-मोटा अंदाज़ा है, सटीक मान पार्ट के डेटाशीट से देखें।
| पार्ट | मीटर मोड | ठीक | खराब |
|---|---|---|---|
| फ़्यूज़ | कंटिन्यूटी / ओम | बीप, लगभग 0Ω | OL (ओपन) |
| NTC थर्मिस्टर | ओम (ठंडा) | कुछ Ω (जैसे 5Ω से 10Ω) | OL या बहुत ज़्यादा |
| MOV वैरिस्टर | ओम | बहुत ऊँचा (OL के पास) | बीप या कम मान (शॉर्ट) |
| ब्रिज रेक्टिफ़ायर | डायोड मोड, हर जोड़ी | एक दिशा 0.4V से 0.6V, उलटी OL | दोनों दिशा बीप (शॉर्ट) या दोनों OL |
| बल्क कैपेसिटर | क्षमता/ESR मीटर | लगभग लेबल जितनी क्षमता, कम ESR | क्षमता बहुत कम, ESR ज़्यादा, फूला हुआ |
| MOSFET | डायोड मोड और ओम | बॉडी डायोड 0.4V से 0.7V, ड्रेन-सोर्स बीप नहीं | सब पिन आपस में बीप (शॉर्ट) |
| शॉटकी डायोड | डायोड मोड | 0.15V से 0.4V एक दिशा, उलटी OL | दोनों दिशा बीप (शॉर्ट) |
| ऑप्टोकपलर PC817 | LED वाली तरफ़ डायोड मोड | LED 1V के आसपास, उलटी OL | LED OL (टूटी हुई) |
| स्टार्टअप रेसिस्टर | ओम | लेबल के आसपास (जैसे 330kΩ) | OL या बहुत बदला हुआ मान |
| आउटपुट रेल (बिना पावर) | ओम, रेल से GND | कुछ सौ Ω या कुछ दर्जन Ω | 0Ω के पास (शॉर्ट) |
| रेल (चालू) | DC वोल्ट | +12V: 11.4 से 12.6V, +5V: 4.75 से 5.25V, +3.3V: 3.14 से 3.47V | इस दायरे के बाहर |
ऊपर के मान ATX स्पेसिफ़िकेशन के सामान्य ±5% दायरे के आसपास के हैं। असली SMPS में सर्किट के अंदर जुड़े दूसरे पार्ट की वजह से रीडिंग थोड़ी अलग आ सकती है, इसलिए शक होने पर पार्ट का एक पाँव निकालकर जाँचें।
9. सुरक्षा के नियम
इनका पालन ज़रूर करें
- खोलने से पहले प्लग निकालें और कम से कम कुछ मिनट इंतज़ार करें।
- बल्क कैपेसिटर को 10kΩ से 100kΩ (कम से कम 2W) के रेसिस्टर से डिस्चार्ज करें, और मीटर से जाँचें कि 0V हो गया। स्क्रूड्राइवर से शॉर्ट न करें, चिंगारी और विस्फोट का ख़तरा है।
- प्राइमरी साइड का हीटसिंक भी हाई-वोल्टेज पर होता है। चालू अवस्था में उसे हाथ न लगाएँ।
- चालू जाँच एक हाथ से करें और दूसरा हाथ जेब में या पीठ के पीछे रखें। सूखी जगह और रबर की चप्पल पहनकर काम करें।
- जहाँ तक हो सके आइसोलेशन ट्रांसफ़ॉर्मर और बल्ब टेस्टर का इस्तेमाल करें।
- MOSFET, कैपेसिटर और फ़्यूज़ बदलते समय वही वोल्टेज और करंट रेटिंग लगाएँ। कमज़ोर रेटिंग का पार्ट आग लगा सकता है।
- हाई-वोल्टेज पर काम का अनुभव न हो तो किसी जानकार टेक्नीशियन की देखरेख में ही चालू जाँच करें।
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